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मात्र 13 की उम्र में बनी रजनीकांत की माँ, बेहद दिलचस्प रहा श्रीदेवी का सफरनामा



मात्र 54 साल की उम्र में श्रीदेवी का दुबई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. लेकिन सिर्फ 54 साल की उम्र में भी श्रीदेवी का फ़िल्मी करियर 50 साल का रहा. उन्होंने महज चार साल की उम्र में कैमरे के सामने अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरा था. श्रीदेवी को हिंदी फिल्मों की पहली फीमेल सुपरस्टार भी कहा जाता था. अपने अतुल्य योगदान के लिए  भारत सरकार ने साल 2013 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा था.


श्रीदेवी ने बॉलीवुड ही नही बल्कि और भी कई फिल्म इंडस्ट्री में काम किया. जिनमे मलयालम और तमिल प्रमुख थे. अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत महज चार वर्ष की उम्र में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट की थी. उनकी पहली फिल्म बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट थुनविान थीं. नन्ही श्रीदेवी को मलयालम मूवी पूमबत्ता(1971) के लिए केरला स्टेट फिल्म अवार्ड से भी सम्मानित किया गया.


श्रीदेवी की पहली हिंदी फिल्म ‘जूली’ थी, जिसमें उन्होंने लक्ष्मी की छोटी बहन का रोल निभाया था. लेकिन उन्होंने जूली से पहले भी एक हिंदी फिल्म की थी, जिसका नाम ‘रानी मेरा नाम’ था, उस फिल्म में श्रीदेवी ने हीरोइन के बचपन का रोल किया था.


श्रीदेवी ने तमिल में सबसे ज्यादा फिल्में कमल हासन और रजनीकांत के साथ , तेलुगु में कृष्णा, एनटीआर और सोभन बाबू के साथ और हिंदी में जीतेन्द्र और अनिल कपूर के साथ की.


श्रीदेवी ने 13 साल की उम्र में तमिल फिल्म ‘मूंडरू मुदिछु’ में रजनीकांत की सौतेली मां का किरदार निभाया था, जो कि हीरोइन के तौर पर उनकी पहली फिल्म थी. यही वो फिल्म थी, जिसमें पहली बार श्रीदेवी, कमल हासन और रजनीकांत ने एक साथ काम किया था और उसे ‘के बालचंदर’ ने डायरेक्ट किया था.


श्रीदेवी ने मलयालम भाषा के गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर एक्टर प्रेम नजीर के साथ ‘तुलावरसम’ फिल्म में काम किया था. टी रमा राव ने श्रीदेवी को चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर फिल्म ‘भार्या बिद्दालु’ में डायरेक्ट किया था और उसके बाद बड़े होने पर कई तेलुगु और हिंदी फिल्मों में डायरेक्ट किया.


उन्हें बॉलीवुड में पहचान फिल्म 1983 में आई फिल्म हिम्मतवाला से मिली. यह उस साल की ब्लॉकस्बस्टर फिल्म थी. 1989 में आई फिल्म चालबाज में श्रीदेवी दोहरी भूमिका में नजर आई थीं जो कि 80 के दशक की आइकॉनिक मूवीज में से एक है. श्रीदेवी को फिल्म चालबाज के लिए पहले फिल्म फेयर सर्वश्रेठ अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.


सोलवां सावन, सदमा, हिम्मतवाला, जाग उठा इंसान, अक्लमंद, इन्कलाब, तोहफा, सरफरोश, बलिदान, नया कदम, नगीना, घर संसार, मकसद, सुल्तान, आग और शोला, भगवान, आखरी रास्ता, जांबांज, वतन के रखवाले, जवाब हम देंगे, औलाद, नजराना, कर्मा, हिम्मत और मेहनत, मिस्टर इंडिया, निगाहें, जोशीले ,गैर कानूनी, चालबाज, खुदा गवाह, लम्हे, हीर रांझा, चांदनी, रूप की रानी चोरों का राजा, चंद्रमुखी, चांद का टुकड़ा, गुमराह, लाडला, आर्मी, जुदाई, हल्ला बोल, इंग्लिश विंग्लिश और मॉम आदि श्रीदेवी की यादगार फिल्में हैं


इसके बाद साल 1991 में श्रीदेवी यशराज की फिल्म लम्हे में दिखाई दी. फिल्म लम्हे के लिए श्रीदेवी को उनका दूसरा फिल्म फिल्मफेयर अवार्ड मिला था. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के कई नए रिकॉर्ड बनाये और आज भी दर्शक इस फिल्म को देखना पसंद करते है.

1996 में निर्देशक बोनी कपूर से शादी के बाद श्रीदेवी ने फिल्मी दुनिया से अपनी दूरी बना ली थी. लेकिन इस दौरान वह कई टीवी शोज में नजर आईं. बोनी श्रीदेवी से 8 साल बड़े थे और गुपचुप हुई इस शादी ने सभी को चौंका दिया था. इनके दो बेटी है. श्रीदेवी ने साल 2012 में गौरी शिंदे की फिल्म इंग्लिश विंग्लिश से रूपहले परदे पर वापसी कीं.

credits: zimnio
मात्र 13 की उम्र में बनी रजनीकांत की माँ, बेहद दिलचस्प रहा श्रीदेवी का सफरनामा मात्र 13 की उम्र में बनी रजनीकांत की माँ, बेहद दिलचस्प रहा श्रीदेवी का सफरनामा Reviewed by bollynews on 9:01 PM Rating: 5

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